स्वास्थ्य
प्रकल्प के लिए क्या करें
भारत विकास परिषद् सदस्यों का सबसे उत्तम सेवा कार्य -
स्वास्थ्य
हम स्वस्थ रहेंगे तो हम स्वयं, हमारा परिवार, हमारा गली मोहल्ला, हमारा गाँव, हमारा
शहर, हमारा जिला, हमारा प्रान्त, हमारा देश तथा अन्त में हमारा विश्व स्वस्थ रहेगा।
आओ हम भारत विकास परिषद् के कार्यकर्ता स्वयं से लेकर समस्त विश्व को स्वस्थ रखने
वाले कार्यक्रमों को संजीवनी रूप दें, कैसे :- अपने द्वारा, अपनी शाखा द्वारा तथा
अपने प्रान्त द्वारा किये गये स्वास्थ्य सम्बन्धी कार्यों की निम्न प्रकार की
जानकारी देकर।
क. कैम्प
आप अपनी-अपनी शाखाओं में स्वास्थ्य के अनेक काम कर रहे हैं जैसे :- 1. रक्तदान
कैम्प, 2. रक्त जांच एवं ग्रुपिंग, 3. नेत्र चिकित्सा, 4. नेत्रदान, 5. हड्डी रोग
जांच, 6. महिला रोग, 7. बच्चा रोग, 8. सामान्य बीमारियों की जांच, 9. योगाभ्यास।
ख. एम्बुलैंस
आप अपनी शाख द्वारा अनेक प्रकार से एम्बूलैंस चलाकर जैसे:- 1. गाँव-गाँव एवं सेवा
बस्तियों में जाकर दवाईयां देना, 2. रोगियों को उचित हस्पताल तक पहुँचाना, 3. मृतक
शरीरों को अन्तिम पड़ाव तक पहुँचाना इत्यादि।
ग. सुविधाओं युक्त बड़े-बड़े हस्पताल
कोटा, लुधियाना, अम्बाला, दिल्ली, इन्दौर, पटना, हैदराबाद, हिसार, छाबड़ा, रामगंज
मण्डी, गुवाहाटी, विजयवाड़ा, सांचोर इत्यादि नगरों में Multispeciality हस्पताल
चलाकर।
घ. सेमिनार
1. पर्यावरण, 2. हैल्थमेले, 3. स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रचार सामग्री छपवाकर, लगाकर
लाखों, करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य लाभ दे रहे हैं। इसकी पूर्ण जानकारी केन्द्रीय
कार्यालय को यदि समय-समय पर साथ-साथ भेजते रहें तो निश्चित् ही हमारा सेवा कार्य
दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बनता रहेगा।
इस वर्ष हमें क्या करना है, इस बारे में सुझाव है कि -
1. प्रत्येक शाखा गाँव अथवा सेवा बस्ती में एक स्वास्थ्य चिकित्सा केन्द्र प्रारम्भ
करे।
2. रक्तदान, मरणोपरान्त आँख दान, देहदान इत्यादि के लिए समाज को प्रेरित करें तथा
उनकी इच्छाओं की पूर्ति के लिए उचित फार्म आदि भरवायें।
3. सरकारी, अर्द्धसरकारी योजनाओं को उचित बन्धुओं तक पहुँचाएँ जैसे - मात्रा 300/-
रु. खर्च में किसी भी गरीब को 30 हजार तक बडे हस्पताल में नि:शुल्क चिकित्सा मिल
सकती है। उसमें भी हम प्रयास करें तो ग्रुपों में इसका आधा खर्च केन्द्र सरकार तथा
आधा खर्च राज्य सरकारें देती हैं। उसको क्रियान्वित भी किया जा सकता है। अर्थात्
एक शाखा कम से कम 10 गरीब लोगों को प्रति वर्ष इस प्रकार की चिकित्सा सुविधा के लाभ
का प्रबन्ध करे। यह कार्य सभी इन्श्योरेन्स कम्पनी कर रही हैं। हमें केवल माध्यम
बनना है।
4. हरेक प्रान्त में एक Speciality Hospital हो। जिनमें अभी नहीं है उनकी योजना,
कार्य प्रारम्भ करें। कुछ प्रान्तों में है : जैसे पंजाब उत्तर में लुधियाना, पंजाब
पूर्व में चण्डीगढ़, हरियाणा उत्तर में अम्बाला शहर, दिल्ली पूर्व में दिलशाद गार्ड,
राजस्थान दक्षिण पूर्व में कोटा, मध्य प्रदेश दक्षिण में इन्दौर, दक्षिण बिहार में
पटना, आन्ध्र प्रदेश दक्षिण में हैदराबाद,, राजस्थान में सांचौर इत्यादि। (जिन
प्रान्तों में नहीं है, उन्हें इस वर्ष प्रारम्भ करना है।)
5. वर्ष में कम से कम एक बार स्वास्थ्य जांच, नि:शुल्क दवाईयां बांटने वाले कैम्प
का आयोजन करें।
अन्त में इन सभी कार्यों की जानकारी पूर्ण विवरण सहित केन्द्रीय कार्यालय, प्रान्त/क्षेत्रीय
अधिकारियों तक समय पर पहुँचावें इससे अपने काम की पहचान अवश्य समाज को प्रेरित करेगी।
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