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हरिद्वार, उत्तराखण्ड : 38वीं अखिल भारतीय समूहगान प्रतियोगिता
‘स्पदंन’ का शुभारम्भ उत्तराखण्ड पश्चिम प्रान्त के तत्वावधान में
पातंजलि योगपीठ फेस-2 में योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण, परिषद्
के राष्ट्रीय, क्षेत्रीय व प्रान्तीय पदाधिकारियों सर्वश्री न्यायमूर्ति
विष्णु सदाशिव कोकजे, प्रो॰ सत्य प्रकाश तिवारी, वीरेन्द्र सभरवाल,
सुरेन्द्र कुमार वधवा, चन्द्रसैन जैन, विनीत गर्ग, प्रदीप अग्रवाल, ए॰सी॰
ओहरी तथा संतमुनि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दो दिन चलने वाली इस
प्रतियोगिता के शुभारम्भ पर देश के विभिन्न भागों से आये प्रतिभागियों
एवं उनके साथ आये परिजनों, शिक्षक/शिक्षिकाओं को सम्बोधित करते हुए
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भारत विकास परिषद् राष्ट्र को सांस्कृतिक
एकता के सूत्र में बांधने के लिये विगत कई वर्षों से सद्भावना तथा एकता
का ऐसा स्वर पैदा किया है, जिसकी गूंज उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम
तथा समस्त मध्य भारत में विभिन्न भाषा/भाषी भारतीयों के मुख से समूहगान
के रूप में सुनाई पड़ रही है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से ही भारत को
एक रखा जा सकता है। न्यायमूर्ति विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि भारत का
इतिहास श्रद्धा त्याग और साधना की कहानी कहता आ रहा है। समाज और
व्यक्तित्व का सम्बंध अटूट है। इस अटूट सम्बंध को भावनात्मक,
सांस्कृतिक रूप से सुदृढ़ करने के लिये परिषद् प्रयास कर रहा है।
प्रान्तीय संयोजिका कुसुम गाँधी
एवं अन्य अधिकारियों ने देश के विभिन्न प्रान्तों से आये प्रतिभागियों
का आभार प्रकट करते हुए उनके उत्साह और राष्ट्र प्रेम की भावना की
प्रशंसा की। समस्त देश के 45 शहरों से 800 की संख्या में प्रतिभागी एवं
उनके संरक्षक इस प्रतियोगिता में भाग लेने पहुँचे। इसके अतिरिक्त देश
के विभिन्न भागों से गणमान्य अतिथि भी प्रतियोगिता में राष्ट्र प्रेम
के गीतों को सुनते हुए नजर आये।
प्रतियोगिता के समापन पर निर्णायक
मण्डल में शामिल सुरेन्द्र कुमार रोहिल्ला, राजेन्द्र छागानी, किरानी
कपूर ने निर्णायक मत देते हुए क्षेत्रीय भाषा के गीतों में तमिलनाडु
चैन्नई से आई श्री विश्व विद्यालय मैट्रिक सीनियर सैकेण्डरी स्कूल को
प्रथम स्थान, पश्चिम बंगाल की हरियाणा विद्या मन्दिर को द्वितीय एवं
जम्मू कश्मीर के हैरीटेज स्कूल जम्मू को तृतीय स्थान प्रदान किया।
पातंजलि योगपीठ के संस्थापक योगऋषि स्वामी रामदेव जी ने राष्ट्रीय गीत
प्रतियोगिता (हिन्दी) में विजयी पश्चिम बंगाल की हरियाणा विद्या मन्दिर
को प्रथम, मध्य भारत उत्तर से आयी भारतीय विद्या निकेतन स्कूल को
द्वितीय एवं पंजाब उत्तर क्षेत्र से आयी डी॰ए॰वी॰ पब्लिक स्कूल अमृतसर
को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ जिन्हें पारितोषिक देकर उनका उत्साहवर्धन
किया।
योगऋषि बाबा रामदेव ने कहा कि
भारतीय गीत, संगीत, साहित्य संस्कृति विश्व में अद्वितीय हैं। भारत
विकास परिषद् ने सदैव भारतीय मूल्यों, परम्पराओं एवं संस्कृति को
संरक्षक प्रदान कर प्रसंशनीय कार्य किया है। उन्होंने देश के विभिन्न
प्रदेशों से आये बालक/बालिकाओं से अपने आदर्श महापुरुषों के बताये
मार्ग पर चलने का आह्नान किया। बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय परम्परा
और उसका गौरवशाली इतिहास अति प्राचीन हैं, जिसपर हमें गर्व है। भारत
विश्व गुरु है जिसमें व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व की पूजा होती है। हमारे
देश में चित्र की नहीं चरित्र की पूजा होती है। इस कारण वर्तमान युवा
पीढ़ी को भारत के आदर्श रहे राम, कृष्ण, गौतम, महावीर, स्वामी
विवेकानन्द, स्वामी दयानन्द सरस्वती, महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी जैसे
महापुरुषों को अपना आदर्श मानकर उनके चरित्र को जीवन में उतारना चाहिये।
उन्होंने बालिकाओं से जीजा बाई, लक्ष्मीबाई, सीता, अनुसुईया के आदर्शें
को जीवन में आत्मसात करने के लिये कहा।
इस अवसर पर परिषद् की स्मारिका
‘स्पंदन’ का विमोचन न्यायमूर्ति विष्णु सदाशिव कोकजे एवं अन्य
राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से किया। स्मारिका को तैयार करने
में वरिष्ठ सदस्य कुलभूषण सक्सेना के योगदान की समस्त पदाधिकारियों ने
प्रशंसा कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
Thirty-eighth All India National Group Song Competition
was held at Haridwar (Uttrakhand) on the 24th-25th November
2012. While 42 state/prant teams took part in Hindi Patriotic
Group Songs, 35 state/prant teams participated in Regional Patriotic
Group Songs from all over the country. The number of participants in
both the categories is indicated below:
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