वीरेंद्र रिटायर तो हुए लेकिन लोगों की सेवा से नहीं
नई
दिल्ली। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक पद से
रिटायर हुए विरेंद्र सिंह कटियार रिटायरमेंट के बाद
शारीरिक रुप से कमजोर लोगों के लिए कुछ करना चाहते
हैं। हालांकि ये काम विरेंद्र नौकरी के वक्त से ही करना
चाहते थे लेकिन व्यस्तता ने उन्हें ये नहीं करने दिया।
साल 1993 में विरेंद्र भारत विकास परिषद नाम की संस्था
से जुड़े। यह संस्था शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के
लिए काम करती है। विरेंद्र कहते हैं कि उस संस्था के
साथ रहकर इन्होंने शारीरिक रूप से कमजोर करीब 5000 लोगों
की मदद की। उन्हें 60 लाख रुपयों की बैसाखी, व्हील
चेयर ट्राई साइकिल जैसी सुविधाएं दिलवाई। इनमें से कई
लोगों की शादियां भी करवाईं।
इसके बाद विरेंद्र ने अपनी बेटियों की मदद से दीनबंधु आश्रम की शुरुआत की, यहां जीवनयापन की सुविधाओं के साथ-साथ हर तरह की चिकित्सा सुविधाएं भी दी जाती हैं। आज इस संस्था में तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा शारीरिक रुप से कमजोर लोग रहते हैं। जिन्हें दलिया, बेसन, मोमबत्ती, हवन सामग्री, कागज के लिफाफे आदि बनाना सिखाते हैं और इनसे होने वाली आय इन्हीं में बांट दी जाती है। इसके साथ आश्रम में शारीरिक रुप से कमजोर बच्चों को शिक्षा भी दी जाती हैं।
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