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Workshops: Central & Regional

 

उत्तर रीजन कार्यशाला: 2016-17
उत्तर रीजन: (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा व दिल्ली) के 16 प्रान्तों के पदाधिकारियों की कार्यशाला 23-24 अप्रैल, 2016 को केन्द्रीय कार्यालय के डाॅ. सूरज प्रकाश सभागार में सम्पन्न हुई। 78 प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में राष्ट्रीय महामंत्री श्री अजय दत्ता ने महानगरों में कार्य विस्तार के साथ शाखा के सीमाओं के निर्धारण की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी प्रस्तावित नगरों तक शाखा स्थापित करने का आह्नान किया। संविधान एवं एकाउण्टस् की चर्चा राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री श्री संजीव कुमार बंसल ने की। राष्ट्रीय मंत्रियों श्री श्रीनिवास बिहानी, श्री सुधीर वर्मा एवं श्रीमती शशि आजाद ने संगठन के लक्ष्य एवं विस्तार पर चर्चा की। श्री महेश शर्मा (प्रकाशन) श्री विपिन ढ़ींगरा (संस्कृति सप्ताह), श्री प्रवीन सिंघल (सेमीनार), श्री मदन मलिक (विकलांग), श्री राधेशाम महाजन (समग्र ग्राम विकास), श्री रमेश चन्द्र गोयल (पर्यावरण), श्री वासुदेव बंसल (स्वास्थ्य) श्री सी.पी.आहूजा (गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन) ने विषय प्रस्तुत किये। डाॅ. बजरंगलाल जी, क्षेत्रीय संघचालक ने परिषद् के वैचारिक अधिष्ठान पर सार्थक उद्बोधन दिया। इसके सम्पादित अंश अन्यंत्र प्रकाशित किये जा रहे हैं। श्री सुरेन्द्र कुमार वधवा (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) एवं श्री विनीत गर्ग (राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री) के निर्देशन में प्रान्तीय आख्या, प्रान्तशः परिचय एवं प्रवास और विस्तार की समूह बैठकें सम्पन्न हुई। डाॅ. संतोष गुप्ता (संस्कार), श्रीमती अविनाश शर्मा (महिला एवं बाल कल्याण) योजनाओं की जानकारी दी। श्री जीवनराम गुप्ता चेयरमैन (संस्कार), श्री यशपाल गुप्ता चेयरमैन (सेवा), श्री चन्द्रसेन जैन ने अध्यक्षता की। श्री राकेश सचदेवा (भारत को जानो) श्री जोगिन्दर मदान (कार्यशाला) ने शाखा संचालन तथा कार्यकर्ता व दायित्वबोध कराने पर बल दिया।

मुक्त चिन्तन के सत्र में अनेक प्रान्तीय तथा रीजनल पदाधिकारियों ने जिज्ञासा प्रस्तुत की। उपस्थित सभी प्रतिनिधियों की भागीदारी इस सत्र में सम्पन्न हुई। समापन सत्र में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री वधवा जी कार्यशाला की लक्ष्य आधारित कार्य योजना पर सहमति जताई। उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ लक्ष्य पूरा करने पर बल दिया। श्री विनीत गर्ग के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान से कार्यशाला का समापन हुआ।

उत्तर मध्य रीजन: उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड राज्य की कार्यशाला मुरादाबाद में सम्पन्न हुई। इसमें 11 प्रान्तों के 77 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री केशव दत्त गुप्ता ने सभी दायित्वधारियों को शपथ दिलाई। राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री श्री चन्द्रसेन जैन ने परिषद् के दर्शन एवं उद्देश्यों की चर्चा की। उन्होंने नये संविधान के अनुसार सभी को निष्ठा से काम करने का सुझाव दिया। रीजन की बहुउद्देश्यीय स्मारिका का विमोचन राजीव अग्रवाल ने सम्पन्न कराया। प्रान्तशः परिचय के बाद संगठन क्षेत्र के मंत्री सुनील खेरा, कुलभूषण, मनोज गोयल, मुकेश जैन, ब्रह्मानन्द पेशवानी ने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की स्थिति एवं लक्ष्यों की चर्चा की। इसी सत्र में राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री संजीव कुमार बंसल ने कार्यशाला की रूपरेखा एवं नये संविधान के प्रारूप की चर्चा की। अनिरूद्ध अग्रवाल ने प्रान्तीय तथा शाखाओं के लेखा रख रखाव के विषय पर विस्तृत प्रकाश डाला।

समूह चर्चा में प्रान्तीय तथा रीजनल दायित्वधारी अलग-अलग समूह में एकत्र हुए। प्रवास, लक्ष्य तथा कार्य योजना, शाखा संचालन, प्रान्तीय कार्यशाला आदि विषयों पर गहन चर्चा हुई। सेवा सत्र में श्री प्रमोद दादू, संजीव जैन, रमेश लालवानी, अनुराग दुबलिश तथा संरक्षक श्री अविनाश ओहरी ने विचार प्रकट किये। संस्कार प्रकल्प में कवल साहनी, राजीव अग्रवाल, नवीन कुमार, अजय विश्नोई, डाॅ. हरिशचन्द्र गुप्ता ने अपने प्रकल्पों पर चर्चा की।

महिला एवं बाल विकास सत्र में डाॅ. चम्पा श्रीवास्तव ने प्रकल्प उपयोगिता एवं गुणवत्ता की चर्चा की। श्रीमती बीना अग्रवाल, डाॅ. दिव्या लहरी, भगवान सहाय अग्रवाल, डाॅ. संजीव जैन, डाॅ. नीतिन दालभ, हरिनारायण चतुर्वेदी के विचारों का समापन श्रीमती सावित्री वाष्र्णेय ने किया। समूहगत चर्चा के निष्कर्ष डाॅ. आर.बी. श्रीवास्तव एवं श्री संजीव कुमार बंसल ने प्रस्तुत किये। रीजनल अध्यक्ष श्री केशव दत्त गुप्ता ने जिज्ञासा समाधान किया। उन्होंने आगामी बैठकों की सूचना भी दी। 25 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य लेकर सभी प्रान्त कार्य में जुटें यही आह्नान किया गया। श्री सूर्य प्रकाश जी संघचालक के द्वारा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया गया। श्री शशिभूषण शास्त्री जी के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान से कार्यशाला का समापन हुआ - मुकेश जैन

मध्य रीजन कार्यशाला: 2016-17 
मध्य रीजन के 13 प्रान्तों के 72 दायित्वधारियों की उपस्थिति में दो दिवसीय कार्यशाला भोपाल में सम्पन्न हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सीताराम पारीक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी.एस.कोकजे ने कार्यशाला की उपादेयता और कार्यकर्ता के गुणों को चिन्हित करते हुए स्वप्रेरणा और समर्पण से कार्य करने का आह्नान किया। श्री कोकजे ने संगठन के सै(ान्तिक और व्यवहारिक पक्ष का समन्वय करते हुए अपने दर्शन का बार-बार स्मरण करने का आग्रह किया। कार्य का मूल्यांकन और प्रासंगिकता पर भी विचार करना आवश्यक है। विभिन्न सामाजिक समस्याओं में परिषद् की प्रभावी भूमिका हो सकती है। इसका भी विचार करना चाहिए।

राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्राी अरुण डागा ने प्रान्त संचालन, वार्षिक कार्ययोजना, लक्ष्य तथा बैठकों की रोचकता पर बल दिया। श्री मालचन्द गर्ग, राष्ट्रीय मंत्री वित्त ने प्रान्तीय लेखा तथा नवीन परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी दी। श्री सम्पत खुरदिया, आॅडीटर जनरल ने संविधान के प्रावधानों का जिक्र किया और जिज्ञासा समाधान किया। समूह की बैठकें क्रमशः संगठन, रीजनल, प्रान्तीय अधिकारियों के समूह में हुई। इसमें प्रवास, लक्ष्य एवं प्रान्तीय कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

डाॅ. त्रिभुवन शर्मा (समूहगान) श्री राकेश गुप्ता (ग्राम विकास), डाॅ. युधिष्ठिर त्रिवेदी (वनवासी सहायता), श्री अनिल गोयल (सेवा), श्री पवन अग्रवाल (विकलांग) विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये। श्री अशोक जाधव जी ने निष्कर्ष प्रस्तुत किये। सम्पर्क सत्र में श्री अशोक वशिष्ठ, एच.पी.गर्ग, मुकन सिंह राठौड़ (संस्कृति सप्ताह, स्थापना दिवस) आदि द्वारा विचार रखे गये। संचालन श्री सीताराम गोयल, अध्यक्षता डाॅ एस.एन.हर्ष ने की। छठे सत्र में श्रीमती संतोष गोधा, ज्योति जैन, डाॅ. मदन गोपाल वाष्र्णेय ने क्रमशः बेटी बचाओ अभियान तथा सार्थक कार्यक्रमों पर चर्चा की। पर्यावरण संरक्षण, भूजल संरक्षण, हरित बाल गोकुलम पर जानकारी दी गई।

समापन सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सीताराम पारीक ने प्रकल्प का भाव समझकर कार्यक्रम करने का सुझाव दिया। सभी रीजन में महिला एवं प्रौढ़ साधना शिविर आयोजित हो, कार्य विस्तार एवं कार्यकर्ता निर्माण की दृष्टि विकसित की जाए। भोपाल की टीम ने व्यवस्था पक्ष को मजबूत बनाया। संयोजन कमल प्रेमचन्दानी ने किया।

पूर्वी रीजन कार्यशाला: 2016-17  
30 अप्रैल-1 मई, 2016 को भुवनेश्वर (उडीशा) में पूर्वी रीजन का कार्यशाला के उद्घाटन मेजर जनरल बी.के. महापात्रा ने की। उन्होंने युवा सहभागिता एवं सक्रियता पर विशेष जोर देते हुए देश की चुनौतियों का जिक्र किया। राष्ट्रीय उपाध्यता डाॅ. (श्रीमती) इन्दिरा बड़ठाकर द्वारा शपथ ग्रहण तथा राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री एस.एन. पाण्डा द्वारा कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। प्रान्तशः दायित्वधारी परिचय के क्रम में यशपाल गुप्ता, चेयरमैन सेवा ने लेखा के रख रखाव, श्री पाण्डा ने संविधान के परिवर्तन पर विचार प्रस्तुत किये। राष्ट्रीय मंत्री संगठन डाॅ. वाल्मीकि कुमार, गीता पटनायक, शंकरलाल चक्रवर्ती, स्वदेश रंजन गोस्वामी ने अपने रीजन की संगठनात्मक स्थिति, विस्तार तथा प्रवास की चर्चा की।

समूह बैठक में प्रान्तीय दायित्वधारी तथा क्षेत्रीय दायितवधारियों की अलग-अलग बैठक में प्रकल्प, लक्ष्य, विस्तार, प्रवास तथा प्रभावी संचालन पर चर्चा हुई। महिला दायित्वधारियों के अलग समूह में गीता पटनायक और रीता भट्टाचार्य ने महिला गतिविधियों की आवश्यकता पर बल दिया। सेवा प्रकल्प सत्र में यशपाल गुप्ता (चेयरमैन सेवा) की अध्यक्षता में श्रीमती बीना बोरा, जे.पी. मिश्रा, के.सी जैन, डाॅ. एस.एन. पटेल ने प्रकल्पों के विस्तार पर चर्चा की। संस्कार सत्र में प्रमोद भगत (समूहगान), जे. पटनायक (भारत को जानो), उदय चन्द्र गुप्ता (गुरु वन्दन छात्र अभिनन्दन), पी.के.अम्बष्ठ (संस्कृति सप्ताह), प्रो. डी.डी.मिश्रा (कार्यशाला), रीता भट्टाचार्य (महिला सहभागिता) पर विचार प्रकट किये।

सम्पर्क प्रकल्प सत्र में श्री दीपक रूइया, मिथिलेश कुमार वर्मा, यू.के.वर्मा, ए.एन. चैधरी, देबल कान्ति सरकार ने विचार प्रकट किये। छठे सत्र में अमल चन्द्र राय (भूजल संरक्षण) न्यायमूर्ति मोहन्ती (संस्कार प्रकल्प) पर विचार रखे। कार्यशला में 75 मे से 42 दायित्वधारियों ने भाग लिया। श्री सुरेश जैन, राष्ट्रीय संयुक्त संगठन महामंत्री ने कार्यशाला का मार्गदर्शन करते हुए शाखा विस्तार के साथ सार्थक और प्रासंगिक सेवा कार्यों पर बल दिया। श्री जी.पी.सिंह के कुशल मार्गदर्शन में कार्यशाला सम्पन्न हुई।


 
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