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Zonal Conferences: 2015-16
 

Zone XI   Jodhpur (Rajasthan West)
क्षेत्र-11: जोधपुर (राजस्थान पश्चिम)
     
         
     

भारत विकास परिषद् क्षेत्र-11 का क्षेत्रीय अधिवेशन ?मरूनाद? 26-27 दिसम्बर, 2015 को राजस्थान पश्चिम प्रान्त के आतिथ्य में जोधपुर शाखा के तत्वावधान में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सीताराम जी पारीक की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में 515 सदस्यों का पंजीयन हुआ जिसमें 179 महिला प्रतिभागी हैं। इसमें 159 सदस्य राजस्थान मध्य, 68 राजस्थान दक्षिण व 288 सदस्य आतिथ्य प्राप्त से है।

अधिवेशन का शुभारम्भ राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहरण से हुई। तत्पश्चात् भारत माता एवं स्वामी विवेकानन्दजी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं वन्देमातरम् का सामूहिक गायन किया गया। संयोजक श्री अनिल गोयल द्वारा आमंत्रित अतिथियों का स्वागत, श्री अनिल चोरडि़या द्वारा स्वागत भाषण, क्षेत्रीय महासचिव पवन कुमार अग्रवाल द्वारा क्षेत्र की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अधिवेशन स्मारिका ?पंचामृत? का सभी अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भगवती प्रसाद शर्मा (स्वदेशी जागरण मंच) द्वारा प्रेरक उद्बोधन दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सीताराम पारीक के उद्बोधन में देवता, मानव व दानव का दमन, दान व दया करो से समझाते हुए किया।

प्रथम सत्र "संस्कार सत्र" की अध्यक्षता संरक्षक श्री शान्तिलाल पांगडिया द्वारा की गई। राष्ट्रीय संयोजक श्री बलराज आचार्य द्वारा क ख ग से संस्कार देने की बात कही। क से देशभक्ति कहानी, ख से खेलकूद, ग से गीता, सद्ग्रन्थ द्वारा विद्यार्थियों में संस्कार देना बताया। मुख्य वक्ता श्री कैलाश जी शर्मा (क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख आर.एस.एस.) द्वारा योजक व संयोजक द्वारा जोड़ने व संस्कारवान बनाने की बात कही। द्वितीय सत्र संगठन में जिला अध्यक्ष व प्रान्तीय महासचिवों द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। मुख्य वक्ता श्री डी.डी.शर्मा (राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री) रहे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से समर्पण भाव से संगठन में जुड़े रहने व समय देने का आग्रह किया। संगठन सत्र का समापन श्री मालचन्द गर्ग (राष्ट्रीय मंत्री संगठन) द्वारा प्रेरक उद्बोधन से की गई। महिला सहभागिता में प्रेरक उद्बोधन श्रीमती लक्ष्मीकान्ता चावला (पूर्व मंत्री पंजाब सरकार) द्वारा किया गया। संध्या बेला में रंगारंग राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

द्वितीय दिवस में प्रथम सत्र सेवा का था जिसकी अध्यक्षता श्री पी.के.जैन (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) द्वारा की गई। इस सत्र में सबसे पहले डॉ. भंवरलाल हीरावत (राष्ट्रीय संयोजक) ने अपना वृत्त प्रस्तुत किया जिसमे उन्होंने बताया कि देश के 15 राज्यों में 48 गाँव गोद लिए हुए हैं जिसमें से 15 ग्रामों में कार्य पूर्ण हो गया है। तत्पश्चात् डॉ. मदनगोपाल वार्ष्णेय (राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन, पर्यावरण) द्वारा पर्यावरण पर एवं श्री राजेन्द्र प्रसाद कोठारी (राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन, सामूहिक सरल विवाह) द्वारा सामूहिक विवाह पर अपने विचार प्रस्तुत किये। क्षेत्रीय संरक्षक शान्तिलाल पांगडिया द्वारा भी अपने विचार प्रस्तुत किए गये। सेवा सत्रा का समापन डॉ. पी.के. जैन साहब के उद्बोधन से हुआ।
 

     

समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि श्री घनश्यामजी ओझा (महापौर), श्री नारायण पंचारिया (सांसद) व श्री महेश जी शर्मा (पूर्व सांसद) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। क्षेत्रीय महासचिव पवन कुमार अग्रवाल द्वारा केन्द्र के निर्देशानुसार प्रान्त की सर्वश्रेष्ठ शाखाएँ जो सदस्यता वृद्धि, संस्कृति सप्ताह एवं स्थायी प्रकल्प में अव्वल थी उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पारीक जी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया एवं क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रान्त राजस्थान मध्य को घोषित किया गया। तीनों प्रान्तों द्वारा 2014-15 के खाते समय पर अंकेक्षित करवाने हेतु केन्द्र द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। क्षेत्र द्वारा आयोजक प्रान्त राजस्थान पश्चिम को अधिवेशन करवाने हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय संस्कृत समूहगान में राजस्थान मध्य द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। आयोजक प्रान्त व जोधपुर शाखा के समस्त सदस्यों का सुन्दर व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सीताराम पारीक जी द्वारा सारगर्भित उद्बोधन दिया गया जिसमें उन्होंने जिला को मजबूत करने, युवाओं को आकर्षित करने के लिए कार्यक्रम, अधिवेशन में परिचय, परिषद् के 6 तमहपवद होने की जानकारी प्रदान की। अंत में मुख्यवक्ता एवं चिंतक श्री महेश शर्मा का उद्बोधन हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि हर अक्षर मंत्र बन सकता है, हर जड़ से दवाई बन सकती है, हर व्यक्ति योग होता है बस इनको जोड़ने वाला (योजक) चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अधिवेशन संयोजक अनिल गोयल व दिलीप पारेख, अजमेर द्वारा किया गया। अधिवेशन के कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय अध्यक्षत द्वारा सम्मान किया गया। अन्त में राष्ट्रगान जन-गण-मन के साथ अधिवेशन का समापन हुआ।


 
Zone XII Ujjain (Madhya Bharat West)
क्षेत्र-12: उज्जैन
     
         
     

सिंहस्थ कुम्भ के अवसर पर क्षेत्र 12 के 300 प्रतिनिधियों के मध्य अधिवेशन का शुभारम्भ करते हुए सांसद चिन्तामणि मालवीय ने कहा कि व्यक्ति और समाज अनुपूरक हैं। शिक्षा और संस्कार देना समाज का काम है। समाज का ऋण चुकाना व्यक्ति का काम है। परिषद् विकास कार्यों में निरन्तर योगदान कर रही है। मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि परिषद् के द्वारा सामूहिक चिन्तन और विचारों के आधार से ही विकास पर बल दिया जाता है। शाखा स्तर पर भी सामूहिक नेतृत्व विकसित होने की आवश्यकता है। स्वाथपूर्ति के लिए अनेक लोग सेवा के अनेक आयामों पर कार्य करते हैं। परन्तु परिषद् निःस्वार्थ भाव से काम करने में विश्वास रखती है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री पी.के.जैन ने परिषद् के कार्य को सम्पन्न करने के लिए कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर जोर दिया। साध्य और साधनों को समझना और आत्मानुशासन के आधार पर कार्य करना अपेक्षित है। हमारा कार्य व्यक्ति आधारित नहीं है, विचार आधारित है। समाजिक परिवर्तन हमारा लक्ष्य है। इसी लक्ष्य के प्रकल्पों का संचालन किया जाता है। 

राष्ट्रीय मंत्री अरुण डागा ने कार्यकर्त्ता को आत्म विश्वास से भरा, अहंकार से मुक्त रहने पर बल देते हुए आत्म निरीक्षण से कार्यकर्ता विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। विश्वसनीयता, तत्परता, प्रतिबद्धता और क्षमता कार्यकर्ता के महत्वपूर्ण गुण है। सामूहिक विचार चिन्तन के कारण अपने अहम् को तिरोहित करने की आवश्यकता है। डॉ. संजय लौंढ़े ने स्वास्थ्य की विभिन्न परियोजनाओं के द्वारा पीडि़तजनों के समायता का आह्नान किया। राष्ट्रीय मंत्री अजय बंसल सी.एल.आर. के अन्तर्गत विकलांग के लिए रैम्प बनाने, स्कूलों को डिजिटलाइजेन काउन्सिलिंग विषयों की जानकारी दी। अशोक जाधव जी ने ग्राम विकास के प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ विस्तार देने का आग्रहण किया। स्थानीय हिन्दी विभाग की प्रोफेसर डॉ. प्रेमलाता चोटिल ने परिषद् के क्रियाकलाप और महिलाओं की सक्रियता पर संतोष प्रकट करते हुए परिषद् में योगदान को चिन्हित किया।

प्रान्तीय आख्या में यात्री विश्राम (शाजापुर), शामगढ़ में नेत्र शिविर, डबरा में एम्बुलेंस, नीमच में चिकित्सा सहायता, मेडिकल यंत्र बैंक के संचालन की जानकारी दी गई। विभिन्न प्रान्तों में शाखा बिहीन जिलों में शाखा स्थापना का निश्चय हुआ। इसके अतिरिक्त नेत्र प्रत्यारोपण, प्याऊ, रक्तदान, वनवासी सहायता में भागीदारी का उल्लेख हुआ।

श्री प्रदीप अग्रवाल ने आगामी सिंहस्त कुम्भ में सामाजिक चेतना के लिए परिषद् के द्वारा सेवा एवं सूचना केन्द्र की स्थापना की जानकारी दी। प्रदर्शनी एवं सरकारी सहयोग से परिषद् सदस्यों को कुंभ की सूचनाएं परिषद् की वेइसाइट पर उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

प्रतिनिधियों ने जिज्ञासा एवं सुझाव सत्र में महिला सहभागिता बढ़ाने, प्रतिभा पलायन रोकने, नशा मुक्ति आदि पर सुझाव दिये। राष्ट्रीय महामंत्री अजय दत्ता ने सेवा कार्यों से उपेक्षित एवं मध्यम वर्क को सहायता देने के लिए प्रकल्पों की स्थापना पर बल दिया। शाखाओं के क्षेत्रों का विभाजन कर अपने क्षेत्र में सुख दुख की घटनाओं पर परिषद् की उपस्थिति एवं समस्याओं के समाधान में परिषद् की भूमिका पर जोर दियां श्री दत्ता ने कहा कि यह उस क्षेत्र में सामाजिक समस्याओं में परिषद् की भूमिका अग्रणी भूमिका है तो परिषद् को एक सशक्त संगठन माना जाएगा। संदीपनी शाखा के सदस्य परिवारों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मोदी दम्पति के संचालन और नृत्य, गीत, काव्य व्यंग के साथ पूरे हॉल में नृत्य का माहौल बन गया। क्षेत्रीय पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में गहन चिन्तन से भरपूर सफल कार्यशाला सम्पन्न हुई।


 
 

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