जब-जब देश में प्राकृतिक एवं अन्य आपदायें आई भारत विकास परिषद् एक समर्पित समाज सेवी संस्था के रूप में अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने में अग्रगण्य रहा है। यह आपदाएँ चाहे बाढ़, अकाल, भूकम्प या अन्य किसी गम्भीर प्राकृतिक त्रासदी के रूप में हो या देश पर बाह्य आक्रमण हुआ हो, परिषद् के सदस्यों ने हमेशा स्वतः प्रेरणा के आधार पर आर्थिक सहायता के लिए अप्रत्याशित रूप से धन एकत्रित ही नहीं किया, वर्न स्वयं भी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जाकर राहत कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है।
बाढ़ के समय में परिषद् की शाखाओं ने हमेशा उन क्षेत्रों में भोजन, कपड़े एवं औषधि वितरण का कार्य किया है तो भूकम्प के समय सामान्य राहत कार्यों के अतिरिक्त भवन निर्माण परियोजनाओं को भी लिया है। युद्ध के समय सैनिकों के लिए खून की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है तो उन क्षेत्रों में जाकर सैनिकों के मनोबल वृद्धि में भी अपना योगदान किया है।
ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए परिषद् का स्थायी कॉर्पस फण्ड बनाया गया है। जिसके अन्तर्गत ‘विकास मित्र’ और ‘विकास रत्न’ योजनाओं द्वारा कार्पस फण्ड की राशि पूर्णतः स्थायी रूप में राष्ट्रीयकृत बैंकों के पास जमा है और उसकी ब्याज से आपदा राहत कार्यों में सहयोग कार्य किया जा रहा है
Whenever there is calamity in any part of the country, Bharat Vikas Parishad, as a humanitarian organization, has always come forward to provide relief and undertake various projects of reconstruction and rehabilitation.