भारतवर्ष में 70% जनसंख्या युवाओं की है। किन्तु आज का शिक्षित युवक अपनी प्राचीन संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान व उपलब्धियों से अनभिज्ञ है। उसमें साहस व आत्मविश्वास की कमी है। आज के वैज्ञानिक और तकनीकी युग में भारतीय संस्कारों को मजबूत बनाया जाए। इस दृष्टि से प्रयास है कि उच्च शिक्षित युवा वर्ग एवं युवा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील इत्यादि परिषद् के सम्पर्क में आयें, इसकी विचारधारा को समझें एवं इससे जुड़ें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विश्वविद्यालयों, कॉलेजों एवं प्रोफेशनल शिक्षा संस्थाओं में ‘सेमिनारों’ का आयोजन किया जाता है।